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सेवा, समर्पण और मानवता का सम्मान: गोड़बोले दंपति बने प्रेरणा

May 25, 2026 Source: News Katha

बस्तर में निःस्वार्थ सेवा का सम्मान: पद्म श्री से अलंकृत हुए डॉ. रामचंद्र गोड़बोले और श्रीमती सुनीता गोड़बोले रायपुर/नई दिल्ली, 2026 — बस्तर के सुदूर जनजातीय अंचलों में दशकों से निःस्वार्थ चिकित्सा सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और मानवता की मिसाल पेश करने वाले डॉ. रामचंद्र गोड़बोले और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सुनीता गोड़बोले को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित पद्म श्री सम्मान से अलंकृत किया गया है। यह सम्मान माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रदान किया गया, जो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। गोड़बोले दंपति ने नववासी कल्याण आश्रम से जुड़कर अपना संपूर्ण जीवन जनजातीय समाज की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने बस्तर जैसे दुर्गम और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में रहकर न केवल निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं प्रदान कीं, बल्कि कुपोषण उन्मूलन, स्वास्थ्य जागरूकता और जनविश्वास निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद, गोड़बोले दंपति ने जनजातीय समाज के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत नींव रखी। उनके प्रयासों से हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलीं और समाज में जागरूकता का स्तर बढ़ा। उनकी सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता राष्ट्र निर्माण की एक प्रेरणादायक मिसाल है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची सेवा और समर्पण से समाज में व्यापक परिवर्तन लाया जा सकता है। यह सम्मान न केवल उनके अथक प्रयासों की पहचान है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने का संकल्प रखते हैं।