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तमिल राजनीति में बड़ा बदलाव: AIADMK के चार विधायक हुए बागी
May 26, 2026 Source: News Katha
तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिल रहा है। AIADMK को उस समय तगड़ा झटका लगा जब पार्टी के चार विधायकों ने अचानक इस्तीफा देकर सियासी हलकों में हलचल मचा दी। इन विधायकों के TVK (तमिलगा वेट्री कझगम) में शामिल होने की संभावना ने पूरे राजनीतिक समीकरण को बदल दिया है।
सूत्रों के अनुसार, इस्तीफा देने वाले विधायकों में मदुरांतगम विधायक मरगदम कुमारवेल, पेरुंदुरई विधायक जयकुमार, दारापुरम विधायक सत्यभामा और अंबासमुद्रम विधायक ई. सुबैया शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से तीन विधायक पहले ही TVK का दामन थाम चुके हैं, जबकि चौथे विधायक के भी जल्द पार्टी में शामिल होने की अटकलें तेज हैं। इन सभी विधायकों ने अपना इस्तीफा विधानसभा स्पीकर जेसीडी प्रभाकर को सौंप दिया है।
इस घटनाक्रम के बाद AIADMK के भीतर असंतोष और गहराने की आशंका जताई जा रही है। पार्टी नेतृत्व के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बन गई है क्योंकि रिपोर्ट्स के मुताबिक, बागी विधायकों की कुल संख्या अब बढ़कर 17 तक पहुंच सकती है। इससे पार्टी की एकजुटता और संगठनात्मक ताकत पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा लाभ TVK प्रमुख और प्रदेश के मुख्यमंत्री Joseph Vijay को मिल सकता है। विजय के नेतृत्व में TVK लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करती दिखाई दे रही है। अगर AIADMK के और विधायक TVK में शामिल होते हैं, तो यह पार्टी के लिए विधानसभा में और मजबूत स्थिति पैदा कर सकता है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार TVK के पास पहले से ही 107 विधायक बताए जा रहे हैं, और नए शामिल होने वाले नेताओं के साथ यह संख्या बहुमत के आंकड़े से भी आगे जा सकती है।
इस बीच AIADMK प्रमुख और विपक्षी नेता Edappadi K. Palaniswami ने स्थिति को संभालने के लिए तुरंत कदम उठाए हैं। उन्होंने विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखकर बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार न करने की अपील की है। पार्टी का तर्क है कि इन विधायकों के खिलाफ कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित है, ऐसे में उनके इस्तीफों पर अंतिम निर्णय लेने से पहले जांच पूरी होनी चाहिए।
हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने पहले ही राज्य की राजनीति को दिलचस्प बना दिया था। TVK ने 108 सीटों के साथ मजबूत प्रदर्शन किया था, जबकि DMK को 59 सीटें और AIADMK को 47 सीटें मिली थीं। बाकी 20 सीटें अन्य दलों के खाते में गई थीं। इन मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रमों के चलते राज्य में सत्ता संतुलन तेजी से बदलता नजर आ रहा है और आने वाले दिनों में और बड़े सियासी उलटफेर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।