Sunday, July 12, 2026
English edition
News Katha News Katha

Har Khabar Ek Kahani

India

नैनो यूरिया और डीएपी से लाभकारी बनी खेती

June 5, 2026 Source: News Katha

नैनो यूरिया और डीएपी से लाभकारी बनी खेती
*सेवानिवृत्ति के बाद आधुनिक खेती में बनाई नई पहचान* *कम लागत, बेहतर परिणाम: कृषक भागबली देवांगन ने अपनाई नैनो उर्वरक आधारित खेती* रायपुर 04 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में छत्तीसगढ़ शासन किसानों को सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कृषि को अधिक लाभकारी एवं आधुनिक बनाने के उद्देश्य से किसानों को समय पर खाद-बीज, उन्नत कृषि आदान तथा नवीन तकनीकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। शासन की इस किसान हितैषी नीतियों और योजनाओं के प्रभाव से कोरबा जिले के किसान आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाते हुए उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती की लागत कम करने में भी सफल हो रहे हैं।जिला कोरबा के ग्राम छुरीकला निवासी श्री भागबली देवांगन एक मेहनती और प्रगतिशील किसान हैं, जिन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद भी सक्रिय जीवन को अपनाते हुए खेती को अपनी प्राथमिकता बनाया है। उनका मानना है कि किसान कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, बल्कि अपने अनुभव और परिश्रम से खेती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करता है। इसी सोच के साथ वे आज भी पूरी लगन और समर्पण के साथ कृषि कार्यों में जुटे हुए हैं। श्री देवांगन लगभग साढ़े तीन एकड़ कृषि भूमि में मुख्य रूप से धान की खेती करते हैं। वर्षों से खेती से जुड़े होने के कारण वे समय के साथ कृषि में आ रहे बदलावों को अपनाने के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने बताया कि खेती में अच्छे उत्पादन के लिए केवल मेहनत ही नहीं, बल्कि सही समय पर सही तकनीक और उर्वरकों का उपयोग भी आवश्यक है। इसी सोच के तहत पिछले दो वर्षों से वे अपनी फसलों में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसल की बढ़वार बेहतर हुई है तथा पौधों का विकास अधिक संतुलित रूप से हुआ है। इसके साथ ही उत्पादन में भी सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली है। उन्होंने बताया कि पहले जहां पारंपरिक उर्वरकों पर अधिक खर्च करना पड़ता था, वहीं नैनो उर्वरकों के उपयोग से लागत में कमी आई है, जिससे खेती अधिक लाभकारी बनी है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा किसानों को समय पर खाद-बीज एवं कृषि आदान उपलब्ध कराए जाने से खेती की तैयारियां आसान हुई हैं। वे मानते हैं कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।