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टीएमसी में बगावत तेज, सयानी घोष भी शामिल, ‘काबा-मदीना’ गाने से मिली थी लोकप्रियता...

June 10, 2026 Source: News Katha

टीएमसी में बगावत तेज, सयानी घोष भी शामिल, ‘काबा-मदीना’ गाने से मिली थी लोकप्रियता...
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका तब माना जा रहा है जब उनकी करीबी और चर्चित सांसद सयानी घोष का नाम भी बागी सांसदों की सूची में सामने आया है। जादवपुर से सांसद और अभिनेत्री से नेता बनीं सयानी घोष उन 20 टीएमसी सांसदों में शामिल हैं जिन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में अलग व्यवस्था की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, इन सांसदों ने एक अलग गुट बना लिया है और भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन देने की बात भी सामने आई है। कुल 28 टीएमसी लोकसभा सांसदों में से 20 के इस कदम को पार्टी के लिए गंभीर टूट माना जा रहा है। इस बागी गुट ने काकोली घोष को अपना चीफ व्हिप चुना है। हालांकि अभी सामने आई सूची में लगभग 14 सांसदों के नाम ही स्पष्ट हुए हैं, जिनमें शताब्दी रॉय, देव (दीपक अधिकारी), जून मालिया, अरूप चक्रवर्ती और अन्य प्रमुख चेहरे शामिल हैं। सयानी घोष, जो बंगाली सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री रही हैं और ‘काबा-मदीना’ गीत के कारण विवादों में भी रही थीं, उन्हें ममता बनर्जी के करीबी और संभावित उत्तराधिकारी के रूप में भी देखा जाता था। उनके बागी गुट में शामिल होने से टीएमसी को बड़ा राजनीतिक नुकसान माना जा रहा है। इसके साथ ही राज्यसभा में भी टीएमसी को झटका लगा है। पहले सुखेंदु शेखर राय ने इस्तीफा दिया और उसके बाद सुष्मिता देव ने भी पार्टी और राज्यसभा दोनों से इस्तीफा दे दिया। सुष्मिता देव पहले कांग्रेस की नेता रह चुकी हैं और 2021 में टीएमसी में शामिल हुई थीं।