Wednesday, June 10, 2026
English edition
News Katha News Katha

Har Khabar Ek Kahani

Politics

बस्तर ओलंपिक और पंडुम से बदली क्षेत्र की पहचान

June 10, 2026 Source: News Katha

बस्तर ओलंपिक और पंडुम से बदली क्षेत्र की पहचान
*मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय* *भारत मंडपम में आयोजित बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय* नई दिल्ली, 10 जून, 2026- प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारत मंडपम में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि पिछले 12 वर्ष देश के जनजातीय समाज के सम्मान, सशक्तिकरण और विकास के लिए स्वर्णकाल साबित हुए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी रणनीति के कारण छत्तीसगढ़ को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित जनजातीय समुदाय अब शांति, सुरक्षा और विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। बस्तर में ‘नियद नेल्ला नार’ और ‘बस्तर मुन्ने’ जैसे अभियानों के माध्यम से योजनाओं का सैचुरेशन मोड में क्रियान्वयन किया जा रहा है तथा सुरक्षा शिविरों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जनजातीय समाज को नई पहचान और सम्मान दिया है। भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हो या धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, इन पहलों ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि देश को पहली जनजातीय महिला राष्ट्रपति के रूप में श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का नेतृत्व करोड़ों आदिवासियों के सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है। श्री साय ने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के दूरस्थ इलाकों तक पहली बार बिजली, सड़क, पेयजल और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। वहीं बस्तर में सड़क, रेल और सार्वजनिक परिवहन के विस्तार से कनेक्टिविटी की वर्षों पुरानी चुनौतियां दूर हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। नवा रायपुर में ट्राइबल म्यूजियम तथा शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय का निर्माण कराया गया है। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने दुनिया के सामने बदलते, मुस्कुराते और हिंसा-मुक्त बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत की है। उन्होंने कहा कि पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, लघु वनोपज की रिकॉर्ड खरीदी, किसानों को धान, दलहन और तिलहन का बेहतर मूल्य तथा कृषक उन्नति योजना जैसी पहलें ग्रामीण और जनजातीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के माध्यम से राज्य के 2 करोड़ 45 लाख जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासियों को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं बनाया, बल्कि उन्हें भारत के विकास का सक्रिय सहभागी बनाया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।