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योग दिवस आयोजन में पारदर्शिता पर सवाल, बिना टेंडर काम देने का मामला गरमाया...
June 18, 2026 Source: News Katha
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के राज्य स्तरीय आयोजन को लेकर टेंडर प्रक्रिया और खर्च को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि कार्यक्रम की तैयारियों के लिए बिना पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया अपनाए एक खास ठेकेदार को करोड़ों रुपये का काम सौंप दिया गया, जो कथित रूप से एक मंत्री का करीबी बताया जा रहा है। इस मामले को लेकर स्थानीय वेंडरों और विपक्ष ने सवाल उठाए हैं।
स्थानीय वेंडरों का कहना है कि पीजी कॉलेज परिसर में कार्यक्रम की तैयारियां 15 जून से ही शुरू कर दी गई थीं, जबकि बजट की औपचारिक स्वीकृति 17 जून को हुई थी। इसी वजह से प्रक्रिया की पारदर्शिता और नियमों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। वेंडरों का आरोप है कि स्थानीय अनुभवी एजेंसियों को नजरअंदाज कर बिलासपुर के एक वेंडर को काम दिया गया, जिससे स्थानीय कारोबारियों में नाराजगी है।
वेंडरों ने यह भी कहा कि अंबिकापुर में कई ऐसी एजेंसियां मौजूद हैं, जिन्होंने पहले भी बड़े सरकारी आयोजनों को सफलतापूर्वक संभाला है, फिर भी उन्हें अवसर नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि यह निर्णय किसी विशेष ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लिया गया है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं ने भी सरकार को घेरा है। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता नहीं रह गई है। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि हाल के दिनों में लगातार घोटालों के आरोप सामने आ रहे हैं और योग दिवस की तैयारियों से जुड़े समयक्रम पर भी गंभीर सवाल उठते हैं।
दूसरी ओर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सभी तैयारियां और टेंडर प्रक्रिया राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही की गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सहित कई बड़े अतिथियों और लगभग 3000 लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाएं की जा रही हैं।