Sunday, June 21, 2026
English edition
News Katha News Katha

Har Khabar Ek Kahani

Development

‘कैंसर ट्रेन’ का उदाहरण देकर चेताया मंत्री वर्मा ने

June 21, 2026 Source: News Katha

*जैविक खेती अपनाकर बचाएं अपनी सेहत और जमीन-राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा* *​अंधाधुंध रासायनिक खाद से बढ़ रहा कैंसर का खतरा* *सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 'खेती बचाओ अभियान' और 'प्राकृतिक खेती कार्यशाला' का आयोजन* *​एक पेड़ मां के नाम' का पौधारोपण, हितग्राहियों को बांटे राशन कार्ड और जैविक खाद* ​रायपुर,20 जून 2026/ किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रति जागरूक करने तथा टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को सारंगढ़ के कृषि उपज मंडी प्रांगण में 'प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला' तथा 'खेती बचाओ अभियान' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया। साथ ही उन्होंने ‘गौ ग्राम जनजागरण वाहन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। *​उत्पादन तो बढ़ा, लेकिन पैसा जा रहा अस्पताल: राजस्व मंत्री* ​ राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने रासायनिक खादों के अंधाधुंध उपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि 50 साल पहले लोग नाममात्र का रासायनिक खाद उपयोग करते थे और खुद से तैयार गोबर व केंचुआ खाद खेतों में डालते थे। आज उत्पादन बढ़ाने की होड़ में प्रति एकड़ उत्पादन 8-9 क्विंटल से बढ़कर 35 से 40 क्विंटल तक पहुंच गया है, लेकिन हम अनाज के साथ जहर (रसायन और कीटनाशक) भी खा रहे हैं। यही कारण है कि आज अस्पतालों और मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हम जो पैसा मेहनत करके कमा रहे हैं, वह घूम-फिरकर अस्पतालों में जा रहा है। *​पंजाब की 'कैंसर ट्रेन' का दिया हवाला* ​मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि पंजाब में फसल का सबसे ज्यादा उत्पादन होता है, लेकिन आज देश में सबसे ज्यादा कैंसर रोगी भी वहीं हैं। वहाँ से एक ट्रेन चलती है जिसे लोग 'कैंसर ट्रेन' के नाम से जानते हैं। आज छत्तीसगढ़ में भी ऐसे लोग कैंसर के शिकार हो रहे हैं जो किसी प्रकार का नशा या तंबाकू का सेवन नहीं करते। इसका मुख्य कारण भोजन के माध्यम से शरीर में पहुँचने वाला केमिकल है। इसका एकमात्र समाधान जैविक खेती है। *मोदी की गारंटी और किसान कल्याण को समर्पित सरकार* ​मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विजन को साझा करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि किसानों की तरक्की से ही छत्तीसगढ़ की तरक्की संभव है क्योंकि कृषि हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि सरकार 'मोदी की गारंटी' को पूरा करते हुए प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल के मान से कर रही है, जिससे किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिन भूमिहीन कृषि मजदूरों के पास खुद की जमीन नहीं है, उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना' लागू की गई है। इसके तहत प्रदेश के लगभग 5 लाख पंजीकृत भूमिहीन मजदूरों के खातों में 10 हज़ार रुपए की राशि ट्रांसफर की जा रही है। *किसानों को जैविक खाद की किट भी वितरित* कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने हितग्राहियों को राशन कार्ड और किसानों को जैविक खाद की किट भी वितरित की। ​कार्यशाला में उपस्थित कृषि वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों ने मिट्टी की जल धारण क्षमता और कार्बनिक पदार्थों (ह्यूमस) को बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी। महिलाओं के स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए जैविक कीटनाशकों और खादों की प्रदर्शनी का अतिथियों ने अवलोकन किया। किसानों को वर्मीकंपोस्ट, वर्मीवॉश, नाडेप खाद के साथ-साथ हरी खाद (जैसे ढैंचा, सनई एवं मूंग) के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। ​इस अवसर पर गणमान्य जनप्रतिनिधि,कलेक्टर,सहित बड़ी संख्या में कृषक, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।