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महरंग बलोच को उम्रकैद, ग्रेटा थनबर्ग बोलीं- पाकिस्तान में न्याय पर सवाल
June 24, 2026 Source: News Katha
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की एक आतंकवाद-रोधी अदालत द्वारा प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. महरंग बलोच और उनके दो सहयोगियों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। इस फैसले के बाद पाकिस्तान की सरकार और सेना को मानवाधिकारों के मुद्दे पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
बलोच समुदाय के अधिकारों की मुखर आवाज मानी जाने वाली डॉ. महरंग बलोच लंबे समय से जबरन गुमशुदगी, हिरासत में मौतों और अन्य मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ अभियान चलाती रही हैं। उनकी सक्रियता ने उन्हें बलूचिस्तान ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी पहचान दिलाई है।
इसी बीच स्वीडन की प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने एक वीडियो संदेश जारी कर महरंग बलोच की तत्काल रिहाई की मांग की है। उन्होंने पाकिस्तान सरकार और सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में शांतिपूर्ण विरोध और असहमति को अपराध की तरह देखा जा रहा है।
ग्रेटा के अनुसार, महरंग बलोच को मार्च 2025 में क्वेटा में आयोजित एक शांतिपूर्ण धरने के दौरान गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक हिरासत में रखने और बंद दरवाजों के पीछे मुकदमा चलाने से न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
ग्रेटा थनबर्ग ने यह भी कहा कि दुनिया अब इस मुद्दे को नजरअंदाज नहीं कर सकती। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि महरंग बलोच के समर्थन में आवाज उठाई जाए, निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए और उनकी रिहाई के लिए दबाव बनाया जाए।