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ड्रोन हमले के बाद IMO का बड़ा फैसला, 11 हजार नाविकों की निकासी फिलहाल बंद
June 26, 2026 Source: News Katha
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक कार्गो जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और गहरा गया है। अमेरिका ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, हालांकि ईरान की ओर से अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी **अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO)** ने 11,000 से अधिक फंसे नाविकों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान को फिलहाल रोक दिया है।
IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगेज ने बताया कि जिस कार्गो जहाज पर गुरुवार को ड्रोन हमला हुआ, वह IMO की आधिकारिक निकासी योजना का हिस्सा नहीं था। इसके बावजूद इस घटना ने समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ड्रोन हमला ओमान के तट के पास सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज **एवर लवली** पर हुआ। राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी नाविक की मौत या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
पिछले कुछ दिनों से संयुक्त राष्ट्र, ओमान और कई सदस्य देशों के सहयोग से फारस की खाड़ी में फंसे जहाजों और उनके चालक दल को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान चलाया जा रहा था। यह ऑपरेशन उन जहाजों के लिए शुरू किया गया था, जो क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और सुरक्षा जोखिमों के कारण लंबे समय से फंसे हुए थे।
डोमिंगेज ने कहा कि जब तक निकासी सूची में शामिल जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक अभियान आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा होने तक रेस्क्यू ऑपरेशन अस्थायी रूप से स्थगित रहेगा। IMO के अनुसार, पूरे क्षेत्र में करीब 20,000 नाविक विभिन्न जहाजों पर फंसे हुए हैं, जिनमें से लगभग 11,000 को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष निकासी योजना तैयार की गई थी। ड्रोन हमले के बाद इस योजना पर फिलहाल विराम लग गया है।