Sunday, October 11, 2026
English edition
News Katha News Katha

Har Khabar Ek Kahani

India

अरुणाचल के सीमावर्ती इलाकों पर नाह समुदाय का दावा, चीन ने बढ़ाया कब्जा

June 29, 2026 Source: News Katha

अरुणाचल के सीमावर्ती इलाकों पर नाह समुदाय का दावा, चीन ने बढ़ाया कब्जा
अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले से चीन की गतिविधियों को लेकर एक बार फिर गंभीर दावा सामने आया है। नाह (Nah) आदिवासी समुदाय ने आरोप लगाया है कि पिछले छह वर्षों के दौरान चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने उनकी पुश्तैनी जमीन के कई हिस्सों पर कब्जा कर लिया है। समुदाय का कहना है कि जिन इलाकों का इस्तेमाल पहले चरागाह, खेती, शिकार और धार्मिक गतिविधियों के लिए किया जाता था, वे अब चीनी नियंत्रण में हैं। नाह वेलफेयर सोसाइटी (NWS) के अध्यक्ष केरू चाडर ने इस संबंध में अपर सुबनसिरी के डिप्टी कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर स्थिति पर चिंता जताई है। ज्ञापन में कहा गया है कि समुदाय की पारंपरिक जमीनें, जहां स्थानीय लोग वर्षों से आजीविका और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए जाते रहे हैं, अब वहां चीनी PLA की मौजूदगी बढ़ गई है। सोसाइटी ने ओयिंग (असाफिला क्षेत्र), पनियार (चुजार्ता), मारपान (मारनाफे), पोत्रांग झील और टिंडिंगतांग सहित पांच प्रमुख इलाकों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि ये क्षेत्र पहले स्थानीय समुदाय के नियंत्रण में थे, लेकिन अब वहां चीन की गतिविधियां बढ़ चुकी हैं। नाह समुदाय का कहना है कि चीन पिछले 10 से 15 वर्षों से धीरे-धीरे सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा था, लेकिन वर्ष 2020 के बाद उसकी गतिविधियों में अचानक तेजी आई है। हालांकि, समुदाय ने भारतीय सेना पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि सीमा पर मौजूदा हालात और चीनी गतिविधियों की रफ्तार चिंता का विषय है। इन दावों ने एक बार फिर भारत-चीन सीमा विवाद, वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सुरक्षा व्यवस्था और सीमावर्ती इलाकों में चीन की बढ़ती गतिविधियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, इन आरोपों पर फिलहाल आधिकारिक स्तर पर कोई विस्तृत पुष्टि सामने नहीं आई है।