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जुगाड़ तकनीक से खेती हुई आसान, श्रम और लागत दोनों में बचत

July 15, 2026 Source: News Katha

जुगाड़ तकनीक से खेती हुई आसान, श्रम और लागत दोनों में बचत
रायपुर, 15 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खेती को अधिक लाभकारी, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से किसानों को उन्नत तकनीक, गुणवत्तायुक्त बीज और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी का सकारात्मक परिणाम गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम दरमोहली में देखने को मिला, जहां प्रगतिशील किसान एवं स्थानीय लोक कलाकार श्री भानुप्रताप उर्फ भानु रंगीला ने अपनी सूझबूझ और नवाचार से पारंपरिक कृषि उपकरण को जुगाड़ तकनीक के माध्यम से सीड ड्रिल में परिवर्तित कर मूंगफली की वैज्ञानिक बुवाई का सफल उदाहरण प्रस्तुत किया है। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (एनएमईओ-ऑयल) योजना के अंतर्गत कृषि विभाग से प्राप्त 80 किलोग्राम गुणवत्तायुक्त मूंगफली बीज का उपयोग करते हुए श्री भानुप्रताप लगभग दो एकड़ क्षेत्र में बुवाई कर रहे हैं। उन्होंने स्थानीय संसाधनों और अपनी तकनीकी समझ का उपयोग करते हुए कम लागत में सीड ड्रिल तैयार की, जिससे कम समय में समान दूरी पर व्यवस्थित बुवाई संभव हो सकी। इस नवाचार से श्रम की बचत होने के साथ-साथ बीज का संतुलित उपयोग और बेहतर अंकुरण की संभावना भी बढ़ी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशा के अनुरूप कृषि विभाग किसानों को केवल योजनाओं का लाभ ही नहीं पहुंचा रहा, बल्कि उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों और स्थानीय नवाचारों को अपनाने के लिए भी प्रेरित कर रहा है। कृषि विभाग का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करना है। ग्राम दरमोहली के किसान का यह प्रयास इस सोच को साकार करने वाला प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है। उप संचालक कृषि श्री सत्यजीत कंवर ने बताया कि स्थानीय स्तर पर विकसित ऐसे नवाचार खेती को अधिक किफायती और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कृषि विभाग किसानों को आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ ऐसे उपयोगी स्थानीय प्रयोगों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि कम संसाधनों में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन योजना के अंतर्गत जिले में किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज, तकनीकी मार्गदर्शन तथा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे तिलहनी फसलों का रकबा और उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की आय में भी निरंतर वृद्धि हो रही है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग के संयुक्त प्रयासों से संचालित योजनाएं अब किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रही हैं। प्रगतिशील किसान श्री भानुप्रताप उर्फ भानु रंगीला का यह नवाचार इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ, किसानों की रचनात्मक सोच और स्थानीय संसाधनों का समुचित उपयोग मिलकर कृषि को नई दिशा दे सकते हैं। यह मॉडल अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है और आत्मनिर्भर एवं समृद्ध कृषि की ओर बढ़ते छत्तीसगढ़ की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत करता है।