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बिहार की बेटी ने दुनिया को दिखाया भारतीय नारी का पराक्रम

August 7, 2026 Source: News Katha

बिहार की बेटी ने दुनिया को दिखाया भारतीय नारी का पराक्रम
cIAF Bhawana Kanth: बिहार की बेटी भावना कंठ ने इतिहास रच दिया है। बिहार की बेटी और IAF की स्क्वाड्रन लीडर देश की पहली महिला फाइटर पायलट बन गईं हैं। भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) की स्क्वॉड्रन लीडर भावना कंठ ने ‘टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट’ में प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर (Fighter Combat Leader) कोर्स पूरा कर लिया है। इसी के साथ ही देश की पहली महिला फाइटर पायलट बन गईं। इससे पहले 2021 में भावना कंठ गणतंत्र दिवस की परेड में हिस्सा लेने वाली देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनी थीं। वो भारत की उन शुरुआती तीन महिला फाइटर पायलटों की तिकड़ी में शामिल रही हैं जिन्होंने कॉकपिट संभाला था। भावना कंठ ने ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट यानी टैकडे में प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर यानी एफसीएल कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया। इसे भारतीय वायुसेना के सबसे कठिन एडवांस्ड कॉम्बैट कोर्स में गिना जाता है। इस कोर्स को पूरा करने के बाद पायलट जटिल हवाई लड़ाकू मिशनों का नेतृत्व करने योग्य हो जाते हैं। उनकी यह उपलब्धि भारतीय वायुसेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व क्षमता का नया अध्याय मानी जा रही है। टॉप गन के बराबर माना जाता है TACDE TACDE को भारतीय वायुसेना का प्रमुख फाइटर टैक्टिक्स संस्थान माना जाता है और इसकी तुलना अमेरिकी नौसेना के मशहूर ‘टॉप गन’ कार्यक्रम से की जाती है। यहां पायलटों को एडवांस्ड एयर कॉम्बैट टैक्टिक्स, मिशन प्लानिंग, हवा से हवा और हवा से जमीन पर ऑपरेशन तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नेतृत्व की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। पहले भी रच चुकी हैं कई इतिहास 2019 में वे दिन के समय फाइटर कॉम्बैट मिशन उड़ाने के लिए मंजूरी पाने वाली पहली भारतीय महिला बनीं थी। उन्होंने पहले मिग-21 बाइसन उड़ाया और बाद में सु-30 एमकेआई पर स्विच कर चुकीं हैं। 2021 में वे गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनीं थीं। 2024 में गणतंत्र दिवस फ्लाईपास्ट में भी उड़ीं थी। बिहार के दरभंगा जिले की रहने वाली भावना कंठ बिहार के दरभंगा जिले की रहने वाली हैं। वे इंजीनियरिंग स्नातक हैं। उन्हें जून 2016 में भारतीय वायुसेना में कमीशन मिला था। वे देश की पहली महिला फाइटर पायलटों के बैच का हिस्सा थीं, जिसमें अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह भी शामिल थीं।