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ऋग्वेद का संदेश: चारों दिशाओं से आने दें श्रेष्ठ विचार
August 11, 2026 Source: News Katha
विविधता जीवन को नीरस होने से बचाती है. एक बार कल्पना कर के देखिए यदि हमारी पसंदीदा playlist में केवल एक ही गाना बार-बार बजता रहे तो कितनी देर और कितनी बार हम एक ही गीत को सुन सकते हैं. ऐसे ही एक ही ढर्रे मे व्यतीत होती ज़िंदगी कितने दिनों तक आनंद देती रहेगी? एक अंग्रेजी proverb “Variety is the spice of life” हमारी इन्हीं बातों को बल देती है. भारतीय संस्कृति और हमारे धर्मग्रंथ भी हमें परिवर्तन और विविधता को स्वीकार करना सिखाते हैं.
आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः॥
ऋग्वेद के इस प्रसिद्ध मंत्र का अर्थ है कि हमारे पास सभी दिशाओं से कल्याणकारी, श्रेष्ठ और शुभ विचार निर्बाध आने चाहिए. जीवन को ऊर्जा,उमंग,उत्साह और आनंद से भरना है तो उसमे विविधता का तड़का आवश्यक है. एकरसता जीवन को उदासीन कर देती है, इसलिए कहा जा रहा है कि जीवन संगीत को एक ही **track **पर मत रोकिए. हर पल एक नया रास्ता चुनिए, नई चीज़ सीखते रहिए, नए लोगों से मिलते-जुलते रहिए.
इन सब के बाद भी अगर असफलता ही मिले तो उसे भी एक नया track समझकर स्वीकार कीजिए. याद रखिए, जिंदगी Netflix नहीं जिसमे बस आपकी पसंदीदा series चलती रहे बल्कि जीवन हर पल एक नई कहानी लेकर आने वाला एक playlist है. इस playlist में हर नया track एक नया अनुभव, एक नई सीख देता है.