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1465 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों का सत्यापन, सुरक्षा व्यवस्था को मिला बढ़ावा

September 6, 2026 Source: News Katha

रायपुर. 6 सितम्बर 2026. सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देने में छत्तीसगढ़ ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की ‘नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम’ (NAMASTE) योजना के अंतर्गत राज्यों के प्रदर्शन की रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने संयुक्त रूप से देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। छत्तीसगढ़ के साथ आंध्रप्रदेश, ओडिशा, त्रिपुरा, उत्तरप्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी 'नमस्ते' योजना के क्रियान्वयन में संयुक्त रूप से देश में पहले स्थान पर हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने इस उपलब्धि पर नगरीय निकायों, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों व 'नमस्ते' योजना के क्रियान्वयन से जुड़े सभी मैदानी अमले को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देकर जोखिमपूर्ण कार्यों को समाप्त करना और स्वच्छता कर्मियों को सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्य का वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है। श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ का 'नमस्ते' योजना के क्रियान्वयन में संयुक्त रूप से राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना स्वच्छता कर्मियों के सत्यापन, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण, सामाजिक सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था और स्वच्छता कार्यों के मशीनीकरण के लिए यहां किए जा रहे कार्यों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह उपलब्धि स्वच्छता कर्मियों के सम्मान, सुरक्षित स्वच्छता व्यवस्था और स्वच्छता कार्यों के दौरान होने वाली मृत्यु को शून्य करने की ओर छत्तीसगढ़ की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में अब तक 1487 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों का सर्वेक्षण कर 1465 कर्मियों का सत्यापन किया गया है। 169 नगरीय निकायों में 1428 कर्मियों को पीपीई (PPE) किट वितरित किए गए हैं और 1374 कर्मियों को आयुष्मान भारत कार्ड उपलब्ध कराया गया है। वहीं 139 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण तथा 923 स्वच्छता कर्मियों को कार्यशाला आयोजित कर सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस साल 14 जुलाई को राज्य के सभी नगरीय निकायों में 'नमस्ते' दिवस का आयोजन किया गया था, जिनमें 15 हजार से अधिक स्वच्छता कर्मियों, जनप्रतिनिधियों, शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों एवं आम नागरिकों ने सहभागिता की थी। इन कार्यक्रमों में स्वच्छता कर्मियों का स्वास्थ्य परीक्षण, व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण (OST), कर्मचारियों का सम्मान तथा पीपीई किट एवं आयुष्मान स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए थे। 'नमस्ते' योजना के अंतर्गत वेस्ट पिकर्स के लिए भी व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। राज्य में 8527 वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग की गई है, जिनमें से 6799 का सत्यापन किया जा चुका है। इनमें से 991 वेस्ट पिकर्स को पीपीई किट भी दिए जा चुके हैं। वहीं 512 वेस्ट पिकर्स को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। अभी 6287 और वेस्ट पिकर्स को प्रशिक्षण देने की तैयारी चल रही है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छता कर्मियों के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य में 47 ईआरएसयू (Emergency Response Sanitation Units) स्थापित किए गए हैं। 14 नगर निगमों, 24 जिला मुख्यालयों तथा 9 द्वितीय सर्वाधिक जनसंख्या वाले निकायों में ये ईआरएसयू स्थापित किए गए हैं। इनमें से 39 ईआरएसयू को सुरक्षा किट भी उपलब्ध कराए जा चुके हैं। ईआरएसयू एवं 14420 हेल्पलाइन के माध्यम से आपातकालीन स्वच्छता सेवाओं के लिए त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया व्यवस्था विकसित की जा रही है। *इस तरह हुआ राज्यों का मूल्यांकन* राज्यों में 'नमस्ते' योजना के क्रियान्वयन का मूल्यांकन 100 अंकों के निर्धारित पैमाने पर किया गया है। इसमें प्रोफाइल किए गए स्वच्छता कर्मियों के सत्यापन के लिए 20 अंक, एसयूवाय (SUY) के माध्यम से मशीनीकरण के लिए 10 अंक, ईआरएसयू एवं 14420 हेल्पलाइन के संचालन के लिए 20 अंक, सामाजिक सुरक्षा कवरेज के लिए 20 अंक तथा स्वच्छता मृत्यु से संबंधित मामलों में प्रवर्तन, मुआवजा एवं जवाबदेही के लिए 30 अंक निर्धारित हैं। इसके अतिरिक्त स्वच्छता मृत्यु के मामलों में नकारात्मक अंक का भी प्रावधान है। निर्धारित मूल्यांकन मानकों के आधार पर छत्तीसगढ़ ने संयुक्त रूप से प्रथम रैंक हासिल की है। *सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को सुरक्षित व गरिमापूर्ण आजीविका, सामाजिक सुरक्षा तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रदान करने 2023 से संचालित है 'नमस्ते' योजना* सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण आजीविका, सामाजिक सुरक्षा तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2023 से 'नमस्ते' योजना शुरू की गई है। इसमें स्वच्छता कार्यों का मशीनीकरण बढ़ाने, असुरक्षित एवं खतरनाक तरीके से हाथ से सफाई की प्रथा को समाप्त करने तथा स्वच्छता कार्यों के दौरान होने वाली मृत्यु को शून्य (Zero Fatality) करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के अंतर्गत सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मी (SSW), कचरा बीनने वाले (Waste Pickers), नाली साफ करने वाले तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) एवं फ़ीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) में कार्यरत कर्मियों को शामिल किया गया है। योजना का क्रियान्वयन आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MoSJE) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC) योजना की राष्ट्रीय कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है। छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा सभी शहरी स्थानीय निकायों के माध्यम से योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।