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250-350 रुपये किलो वाला पनीर हो सकता है नकली, जानें असली की कीमत

September 14, 2026 Source: News Katha

250-350 रुपये किलो वाला पनीर हो सकता है नकली, जानें असली की कीमत
कई राज्यों में एनालॉग पनीर का कारोबार गहरा है, जहां हजारों किलो खेप पकड़ी जा रही है और नमूने फेल हो रहे हैं। कई राज्यों में एनालॉग पनीर और गैर-डेयरी सामग्री से तैयार खाद्य पदार्थों पर शिकंजा कसने के बाद भी इसका कारोबार गहरे तक जड़ें जमाए हुए है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, बिहार व झारखंड से प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि इसका नेटवर्क कई राज्यों के बाजारों और थोक कारोबारियों तक फैला है कहीं हजारों किलो की खेप पकड़ी जा रही है तो कहीं बड़े पैमाने पर लिए गए नमून फेल हो रहे हैं। कई राज्यों ने उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया पर वहां अब भी एनलाग पनीर पकड़ा ज रहा है। कुछ राज्यों में पड़ोसी प्रदेशों से इसकी आपूर्ति चुनौती बनी हुई है। बाजार में दो तरह के बिक रहे पनीर, कैसे करें पहचान बाजार में दो तरह के पनीर बिकते हैं। एक पैकेट में बंद होता है तो कुछ जगहों पर खुले में बिकते हैं। पैकेट में जो बंद हैं, उस पर लेबल लगा होता है और लिखा होता है कि कैसे बना है। इससे आप उसकी पहचान कर सकते हैं। जिसमें सोया प्रोटीन और मटर का प्रोटीन लिखा है, वह एनालॉग पनीर होगा। दूसरा तरीका यह भी होता है कि प्राकृतिक पनीर में आपको दूध का गंध मिल जाएगी। एनालॉग के साथ ऐसा नहीं होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक पनीर पर आप आयोडिन डालेंगे तो उसका रंग बदल जाएगा। इससे पता चलेगा कि यह एनालॉग पनीर है। असली पनीर में रंग नहीं बदलता है। एनालॉग पनीर को दबाने पर रबर जैसी फीलिंग आती है। गर्म पानी में डालने पर केमिकल जैसी स्मैल आती है, जबकि प्रकतिक तरीके से तैयार पनीर से दध की स्मेल आती है। हरियाणा में पनीर की बिक्र में 70 प्रतिशत तक नकली हरियाणा में एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच पनीर के 285 नमूने लिए गए। इनमें 200 मानकों पर खरे नहीं उतरे। 171 निम्नस्तरीय और 29 असुरक्षित पाए गए। विभाग के अनुसार, बाजार में बिकने वाले पनीर में करीब 70 प्रतिशत तक नकली होने का अनुमान है। प्रदेश में अब एनालॉग या नॉन-डेयरी पनीर और घी के उत्पादन व बिक्री पर एक वर्ष का प्रतिबंध लगाया गया है। हिमाचल में भी एनालॉग पनीर की बिक्री पर एक साल की रोक लगा दी गई है। दिल्ली में अन्य राज्यों से प्रतिदिन पहुंच रहा 55 हजार किलो पनीर एक अनुमान के मुताबिक, दिल्ली में प्रतिदिन करीब 55 हजार किलो नकली पनीर अन्य राज्यों से पहुंचता है, जबकि करीब पांच हजार किलो स्थानीय स्तर पर आपूर्ति होती है। इसमें हरियाणा के नूंह, पलवल, मेवात और उत्तर अलीगढ़, आगरा, हाथरस, प्रदेश के मेरठ, बुलंदशहर, मुरादाबाद और हापुड़ से आपूर्ति होने की जानकारी है। अकेले ओखला मंडी में करीब 20 हजार किलो, गाजीपुर में सात हजार, जनकपुरी में पांच हजार और यूसुफ सराय में चार हजार किलो प्रतिदिन पहुंचने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश में 5,643 छापामारी 1,517 नमूने लिए: उत्तर प्रदेश में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एक वर्ष में 5,643 छापे मारकर 1,517 नमूने लिए। इनमें 346 असुरक्षित मिले। 18 मामलों में एफआइआर और 446 मामलों में अदालतों में वाद दायर किए गए हैं। लखनऊ से जुड़ी दो बड़ी कार्रवाइयों में आगरा एक्सप्रेसवे पर अप्रैल 2025 में 4,800 किलो और नवंबर 2025 में करीब 1,800 किलो एनालाक पनीर पकड़ा गया। दूसरी खेप हरियाणा से बाराबंकी जा रही थी और लखनऊ-आसपास के क्षेत्रों में खपने की आशंका थी। यानी उत्त्पादन व खपत में अंतरराज्यीय आपूर्ति की कड़ी सामने आई है। उत्तराखंड-जम्मू में अन्य राज्यों से आपूर्तिः उत्तराखंड में अगस्त में गैर-डेयरी उत्त्पादों पर रोक के बाद 12 दिन में 88 प्रतिष्ठानों की जांच और 88 नमूने लिए गए। करीब 100 किलो पनीर नष्ट कराया गया तथा 10 से अधिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई। राज्य में निर्माण इकाई नहीं पकड़ी गई, यहां अधिकतर आपूर्ति उत्तर प्रदेश व हरियाणा से होती है। जम्मू-कश्मीर में उत्पादन का मामला सामने नहीं आया है, पर पंजाब और दिल्ली से आपूर्ति के मामले मिले हैं। पिछले एक साल में 15 क्विंटल पनीर जब्त किया है। बिहार के बख्तियारपुर से बस के जरिये आए 1,400 किलो संदिग्ध पनीर में स्टार्च मिला था। मप्र में 10,835 किलो जब्त, छतीसगढ़ में खोजा नया तरीका मध्य प्रदेश में 12 अगस्त से एनालॉग पनीर के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर रोक है। अभियान में अब तक 10,835 किलो पनीर जब्त किया गया है। यहां अलग से एनालॉग पनीर का लाइसेंस जारी नहीं होता। छत्तीसगढ़ में कार्रवाई के बाद दूध पाउडर और पाम ऑयल से तैयार उत्त्पाद को 'मलाई पनीर' के नाम पर बेचने की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसी आठ से अधिक फैक्ट्रियों की जानकारी है। अभियान चालकर 550 किलो एनालॉग पनीर सहित 775 किलो अनुपयुक्त सामग्री नष्ट कराई गई और चार लाइसेंस निलंबित हुए। पंजाब-बिहार में भी निगरानी तेज पंजाब में इसी वर्ष एनालॉग पनीर के निर्माण, बिक्री और भंडारण पर प्रतिबंध लगाया गया। कपूरथला, फरीदकोट और लुधियाना में मिलावटी पनीर पकड़ा गया। शुद्ध पनीर 400-500 रुपये किलो के आसपास है, जबकि 250-350 रुपये किलो में मिले उत्पादों के निम्नस्तरीय या मिलावटी होने के मामले सामने आए। बिहार में एनालॉग पनीर की शिकायत नहीं मिली, पर दूध में मिलावट की कार्रवाई तेज हुई है। पटना में दानापुर और सबलपुर की डेयरियों के नमूनों में फार्मेलिन मिला और 325 लीटर दूध नष्ट कराया गया। अगस्त के अंतिम सप्ताह से 417 खाद्य नमूने लिए जा चुके हैं, जिनमें 149 दूध व दुग्ध उत्त्पादों के हैं। झारखंड- किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं: झारखंड में एनालॉग पनीर पर अभी प्रतिबंध नहीं लगा है। लेवलिंग में एनालॉग पनीर होने की जानकारी नहीं देने पर कार्रवाई होती है। नकली पनीर के निर्माण, भंडारण, वितरण तथा बिक्री पर प्रतिबंध का आदेश प्रभावी है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत मिलावटी, असुरक्षित या भ्रामक लेबलिंग वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई होती है। उधर, राजस्थान भी एनालॉग पनीर की बिक्री से जूझ रहा है।