Wednesday, October 7, 2026
English edition
News Katha News Katha

Har Khabar Ek Kahani

India

नए पंजीयन कार्यालयों से नागरिकों के नजदीक पहुंच रहीं सरकारी सेवाएं

October 6, 2026 Source: News Katha

नए पंजीयन कार्यालयों से नागरिकों के नजदीक पहुंच रहीं सरकारी सेवाएं
रायपुर, 06 अक्टूबर 2026/ जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर और लंबे इंतजार की परेशानी से अब नागरिकों को राहत मिल रही है। बिलासपुर के नवापारा, सिरगिट्टी निवासी श्री मोहम्मद जावेद ने इस बदलाव को स्वयं महसूस किया। इस बार संपत्ति की रजिस्ट्री के साथ ही ऑटोम्यूटेशन के माध्यम से उनका नामांतरण भी हो गया। इससे उन्हें नामांतरण के लिए अलग से तहसील कार्यालय नहीं जाना पड़ा। वहीं व्यापार विहार में शुरू हुए नए सर्वसुविधायुक्त पंजीयन कार्यालय ने उनके लिए रजिस्ट्री की प्रक्रिया को और सुविधाजनक बना दिया। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में उन्होंने इन बदलावों से मिले अपने अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार सुधार किए जा रहे हैं। तकनीक के माध्यम से रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रियाओं को आपस में जोड़ने के साथ नए पंजीयन कार्यालयों के माध्यम से सेवाओं की पहुंच का भी विस्तार किया जा रहा है। *पहले तहसील के चक्कर, अब रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण* श्री मोहम्मद जावेद ने बताया कि पहले संपत्ति का पंजीयन कराने के बाद नामांतरण के लिए अलग से तहसील कार्यालय जाना पड़ता था। प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे और नामांतरण होने का इंतजार भी करना पड़ता था। इस बार रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण होने से उन्हें इस पूरी दौड़भाग से राहत मिली और समय भी बचा। ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के तहत संपत्ति का पंजीयन होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है। इससे नागरिकों को नामांतरण के लिए अलग से आवेदन और कार्यालयीन प्रक्रिया पूरी करने की आवश्यकता कम हो रही है। श्री जावेद के लिए इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ यही रहा कि रजिस्ट्री के बाद उन्हें अलग से तहसील कार्यालय नहीं जाना पड़ा। *व्यापार विहार में नया कार्यालय, पंजीयन कराना हुआ और सुविधाजनक* श्री जावेद ने पंजीयन कार्यालयों के विस्तार से मिली सुविधा का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि पहले पंजीयन संबंधी कार्य के लिए नेहरू चौक स्थित कार्यालय जाना पड़ता था। व्यापार विहार में नया सर्वसुविधायुक्त पंजीयन कार्यालय शुरू होने के बाद उनके लिए पंजीयन संबंधी काम कराना अधिक सुविधाजनक हुआ है। उन्होंने नए कार्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए बताया कि बेहतर सुविधाओं के कारण पंजीयन का पूरा अनुभव पहले की तुलना में सहज हुआ है। *ढाई वर्षों में 34 नए पंजीयन कार्यालय स्वीकृत, सेवाओं का हो रहा विस्तार* पंजीयन सेवाओं को नागरिकों के और नजदीक पहुंचाने के लिए प्रदेश में कार्यालयीन अधोसंरचना और मानव संसाधन का भी विस्तार किया जा रहा है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 34 नए पंजीयन कार्यालय स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही पंजीयन अधिकारियों के 78 नए पद सृजित किए गए हैं। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे बड़े जिलों में सब-रजिस्ट्रारों की संख्या में तीन गुना वृद्धि की गई है। नए कार्यालयों और अधिकारियों की संख्या बढ़ने से नागरिकों को अपने क्षेत्र के नजदीक पंजीयन सेवाएं उपलब्ध कराने और कार्यालयों में कार्यभार को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने में मदद मिल रही है। *मोहम्मद जावेद की कहानी में दिखा पंजीयन व्यवस्था का बदलता स्वरूप* श्री मोहम्मद जावेद का अनुभव बताता है कि पंजीयन व्यवस्था में सुधार केवल रजिस्ट्री की प्रक्रिया तक सीमित नहीं है। ऑटोम्यूटेशन से रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया आसान हुई है, वहीं नए कार्यालयों के विस्तार से नागरिकों के लिए पंजीयन सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर हो रही है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से पंजीयन विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर इन सुधारों के जमीनी प्रभाव और सुझावों को सामने ला रहा है। मोहम्मद जावेद के लिए इस बदलाव का सीधा अर्थ है—रजिस्ट्री के बाद तहसील के चक्कर से राहत, समय की बचत और नए पंजीयन कार्यालय में बेहतर सुविधा।