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पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर चिंतन-मनन समय की बड़ी जरूरत: उच्च शिक्षा मंत्री

October 13, 2026 Source: News Katha

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर चिंतन-मनन समय की बड़ी जरूरत: उच्च शिक्षा मंत्री
​​रायपुर,13 अक्टूबर 2026/ उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत शासकीय राजीव लोचन स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजिम (जिला-गरियाबंद) के प्राध्यापकों द्वारा संपादित ज्ञानवर्धक एवं शोधपरक पुस्तक एनवायर्नमेंटल मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट का आज राजस्व और उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने विमोचन किया। श्रीवर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और अकादमिक उत्कृष्टता का उत्कृष्ट संगम आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इसका सीधा मतलब एक ऐसी शिक्षा प्रणाली से है जो न केवल छात्रों को मानसिक और बौद्धिक रूप से मजबूत बनाती है, बल्कि उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक भी बनाती है। ​इस महत्वपूर्ण ग्रंथ का कुशल संपादन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. समीक्षा चंद्राकर, रसायन शास्त्र के सहायक प्राध्यापक डॉ. देवेन्द्र कुमार तथा वनस्पति शास्त्र के सहायक प्राध्यापक डॉ. सर्वेश कौशिक पटेल के संयुक्त मार्गदर्शन व अथक प्रयासों से किया गया है। इस अवसर पर ​उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने ​पुस्तक के सफल संपादन एवं विमोचन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संपादक मंडल को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। ​ मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि ​छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में शोध, मौलिक लेखन और पर्यावरण जैसे वैश्विक विषय पर चिंतन-मनन अत्यंत सराहनीय है। एनवायर्नमेंटल मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट पुस्तक न केवल विद्यार्थियों और शोधार्थियों का मार्गदर्शन करेगी, बल्कि सतत विकास के प्रति जन- जागरूकता फैलाने में भी मील का पत्थर साबित होगी। महाविद्यालयीन प्राध्यापकों द्वारा अकादमिक क्षेत्र में किया गया यह नवोन्मेषी प्रयास पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मैं संपूर्ण संपादक मंडल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। ​*पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल* ​वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और पर्यावरण असंतुलन की चुनौतियों के बीच यह पुस्तक सतत विकास और पर्यावरण प्रबंधन के विभिन्न वैज्ञानिक व सामाजिक आयामों को रेखांकित करती है। पुस्तक में प्रस्तुत शोध-पत्र और नीतियां शोधार्थियों, उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों एवं विषय विशेषज्ञों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होंगी।