Thursday, October 22, 2026
English edition
News Katha News Katha

Har Khabar Ek Kahani

Chhattisgarh

पेयजल के लिए संघर्ष खत्म, जल जीवन मिशन से ग्राम कचोरा में आई खुशहाली

October 22, 2026 Source: News Katha

पेयजल के लिए संघर्ष खत्म, जल जीवन मिशन से ग्राम कचोरा में आई खुशहाली
​रायपुर, 22 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों तक मूलभूत सुविधाओं और शासकीय योजनाओं का लाभ पहुँचाने की मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की प्रतिबद्धता रंग ला रही है। जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 55 किलोमीटर दूर,ग्राम पंचायत महोरा के आश्रित गाँव कचोरा में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के दैनिक जीवन में सुगमता और खुशहाली का नया अध्याय लिखा है। कलेक्टर के कुशल मार्गदर्शन में जिले के अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित की जा रही है,जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण यह दूरस्थ गाँव बना है। *​पानी के संघर्ष से घर-घर नल तक की यात्रा* ​मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर 24 परिवारों वाले इस गाँव की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को पेयजल की व्यवस्था के लिए रोज़ाना कड़ी मशक्कत और कठिन श्रम करना पड़ता था। इस समस्या का स्थायी समाधान करते हुए जल जीवन मिशन के तहत गाँव में लगभग 2,084 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई और 10 हज़ार लीटर क्षमता वाली दो सोलर-आधारित पानी की टंकियों का निर्माण किया गया।​आज गाँव के शत-प्रतिशत (24) परिवारों के घरों तक नल से शुद्ध और सुरक्षित पेयजल पहुँच रहा है, जिससे ग्रामीणों के समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। *​'हर घर जल उत्सव' से जगा जल संरक्षण का संकल्प* ​योजना के सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर गाँव में पूरे उत्साह के साथ 'हर घर जल उत्सव' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित ग्रामसभा में 'जल अर्पण' कार्यक्रम के ज़रिए ग्रामीणों ने जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता बनाए रखने और पानी की एक-एक बूंद को सहेजने का सामूहिक संकल्प लिया। ग्रामीणों को समझाया गया कि सुविधा मिलने के साथ ही जल स्रोतों का उत्तरदायित्वपूर्ण उपयोग और रखरखाव ही इसकी निरंतरता का आधार है। *​जनभागीदारी से सुदृढ़ हुई योजना की नींव* ​योजना को आत्मनिर्भर और सुचारू बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर ज़िम्मेदारियों का बँटवारा किया गया है। जिसमें ​पंप संचालन एवं रखरखाव,​जल गुणवत्ता परीक्षण और ​निगरानी और प्रबंधन को शामिल किया गया है। ​ग्राम कचोरा की यह सफलता इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब शासन की नीति और स्थानीय जनभागीदारी एक साथ आते हैं, तो दुर्गम क्षेत्रों में भी कोई सकारात्मक सामाजिक और ढांचागत परिवर्तन संभव हो जाता है। घर-घर नल से पहुँचा शुद्ध जल न केवल बीमारियों से सुरक्षा दे रहा है, बल्कि ग्रामीणों के जीवनस्तर को ऊँचा उठाकर एक सशक्त और आत्मनिर्भर गाँव का सपना साकार कर रहा है।