Wednesday, October 28, 2026
English edition
News Katha News Katha

Har Khabar Ek Kahani

Chhattisgarh

चिराग के पेनल्टी कॉर्नर चूकने के बाद न्यायधानी नाइट्स के अन्य खिलाड़ियों ने संभाली जिम्मेदारी

October 27, 2026 Source: News Katha

चिराग के पेनल्टी कॉर्नर चूकने के बाद न्यायधानी नाइट्स के अन्य खिलाड़ियों ने संभाली जिम्मेदारी
रायपुर. 27 अक्टूबर 2026. छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के एक और तेज़-तर्रार मुकाबले में आज एस.वी. सुनील की 'चक्रधर चैंपियंस' और सुरेंद्र सिंह की 'न्यायधानी नाइट्स' के बीच मैच 4-4 से ड्रॉ रहा। चैंपियंस के लिए युवराज वाल्मीकि तीन गोल करके हीरो बने, जबकि नाइट्स की ओर से केतन ने बेहतरीन हॉकी का प्रदर्शन किया। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग की निदेशक प्रो. रीता वेणुगोपाल, जिंदल ग्रुप के उपाध्यक्ष श्री यू.पी. सिंह, अडानी ग्रुप के वरिष्ठ प्रबंधक श्री अतुल कुमार गुप्ता और छत्तीसगढ़ तैराकी संघ के सचिव श्री सही राम जाखड़ भी इस मैच को देखने स्टेडियम पहुंचे थे। उन्होंने मैच में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार दिए। बिलासपुर नाइट्स की संतुलित टीम किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है। जहाँ चिराग पेनल्टी कॉर्नर के विशेषज्ञ हैं, वहीं केतन, आदर्श और सोनू निषाद ने फॉरवर्ड लाइन में शानदार खेल दिखाया है। जब चिराग छह पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने से चूक गए, तब टीम के अन्य खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी संभाली। वहीं चक्रधर चैंपियंस की टीम में एस.वी. सुनील और वाल्मीकि मुख्य रूप से टीम का भार उठाते रहे हैं। इस मैच में दोनों टीमों की इन अलग-अलग खूबियों को देखने का मौका मिला। मैच के दूसरे क्वार्टर में केतन और आदर्श ने 'न्यायधानी' के लिए स्कोरिंग की शुरुआत की। केतन ने दाईं ओर से दौड़ते हुए चार डिफेंडरों को छकाया और बहुत आसानी से सर्कल के अंदर प्रवेश किया। उन्होंने आखिरी पल में आदर्श को पास दिया, जिन्होंने गेंद को गोल में पहुंचा दिया। दूसरा गोल आने में ज्यादा समय नहीं लगा। इस बार केतन बाईं ओर से सर्कल में दाखिल हुए और सोनू निषाद ने गेंद को डिफ्लेक्ट (दिशा बदलकर) करके गोल कर दिया, जिससे हाफ-टाइम तक उनकी टीम 2-1 से आगे हो गई। तीसरे क्वार्टर में भी कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला। चिराग गोल करने से चूक गए, लेकिन केतन गोल के ठीक सामने मौजूद थे और उन्होंने अपना पहला गोल किया, जिससे उनकी टीम का कुल स्कोर चार हो गया। इस बीच वाल्मीकि ने पेनल्टी स्ट्रोक के जरिए दो गोल किए। उनका तीसरा गोल एक फील्ड गोल था, जिसमें सर्कल के ठीक बाहर से सुनील ने उन्हें गेंद पास की थी। वाल्मीकि ने एक 'रिवर्स फ्लिक' लगाई जो सीधे गोल पोस्ट के अंदर चली गई। टूर्नामेंट में अपनी दूसरी हैट्रिक पूरी करने के बाद वे अपना चौथा गोल करने के भी करीब लग रहे थे, लेकिन अंत में डिफ्लेक्शन के लिए खोगेश्वर को गोल का श्रेय दिया गया। इसके बाद दोनों टीमों की ओर से खेल में कोई खास हलचल नहीं हुई।