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नवा रायपुर में नर्सिंग कॉलेज से युवाओं के लिए खुलेंगे आत्मनिर्भरता के नए रास्ते

November 1, 2026 Source: News Katha

नवा रायपुर में नर्सिंग कॉलेज से युवाओं के लिए खुलेंगे आत्मनिर्भरता के नए रास्ते
रायपुर, 01 नवंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल ने इस भावना को अपने सेवा कार्यों के माध्यम से साकार किया है। अस्पताल द्वारा 45 हजार बच्चों की सफल शल्य चिकित्सा का ऐतिहासिक आंकड़ा पार करना केवल चिकित्सा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना, करुणा और निःस्वार्थ सेवा की अनुपम मिसाल है। इस संस्थान ने हजारों मासूम बच्चों को नया जीवन देने के साथ उनके परिवारों के जीवन में आशा, विश्वास और खुशियां लौटाई हैं। मुख्यमंत्री श्री साय आज नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में 45 हजार बच्चों की शल्य चिकित्सा पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम एवं जनजातीय विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज भवन तथा डॉरमेटरी के भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के पदाधिकारियों, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल की पूरी सेवाभावी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के लिए उसके बच्चे का स्वस्थ जीवन सबसे बड़ी खुशी होती है। जब कोई मासूम गंभीर बीमारी से जूझ रहा होता है, तब पूरा परिवार चिंता और पीड़ा से गुजरता है। ऐसे कठिन समय में निःशुल्क उपचार के माध्यम से बच्चों को स्वस्थ जीवन प्रदान करना अत्यंत पुण्य और मानवता की सच्ची सेवा का कार्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल ने यह सिद्ध किया है कि चिकित्सा सेवा केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में संवेदना, विश्वास और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने का भी सशक्त माध्यम है। संस्थान द्वारा सेवा और समर्पण की भावना से किए जा रहे कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय विद्यार्थियों के लिए नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की पहल को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश के जनजातीय अंचलों के युवाओं, विशेषकर बेटियों को स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त होंगे। गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा के माध्यम से युवा आत्मनिर्भर बन सकेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपना उज्ज्वल भविष्य निर्मित कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों की आवश्यकता भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज स्वास्थ्य शिक्षा के विस्तार के साथ प्रदेश में कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ संवेदनशील और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता भी आवश्यक है। यह संस्थान जनजातीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ समाज सेवा के लिए भी प्रेरित करेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर गरीब, वंचित और दूरस्थ अंचलों में निवासरत परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले। शासन के प्रयासों के साथ श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल जैसी सेवाभावी संस्थाओं की सहभागिता इस संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल आने वाले समय में भी सेवा, संवेदना और समर्पण की अपनी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हजारों जरूरतमंद परिवारों के जीवन में नई आशा का संचार करता रहेगा। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल द्वारा बच्चों के निःशुल्क उपचार एवं मानव सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने 45 हजार बच्चों की शल्य चिकित्सा की महत्वपूर्ण उपलब्धि पर संस्थान की पूरी टीम को बधाई दी। कार्यक्रम में श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के पदाधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।