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इंदिरा गांधी अस्पताल परिसर में बनेगा नया मेडिकल कॉलेज, 250 सीटें तय

May 7, 2026 Source: News Katha

इंदिरा गांधी अस्पताल परिसर में बनेगा नया मेडिकल कॉलेज, 250 सीटें तय
दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल परिसर में अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और हॉस्टल निर्माण परियोजना को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta के नेतृत्व में शुरू की जा रही इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 805.99 करोड़ रुपये बताई गई है। इस प्रस्ताव को हाल ही में आयोजित व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में स्वीकृति मिली। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028 तक इस मेडिकल कॉलेज को तैयार करना है। इस नए मेडिकल कॉलेज को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत हर साल 250 MBBS सीटों की व्यवस्था की जाएगी, जबकि शुरुआती चरण में 150 छात्रों के साथ पढ़ाई शुरू करने की योजना है। कॉलेज परिसर में आधुनिक अकादमिक ब्लॉक, अत्याधुनिक लैब्स, स्मार्ट क्लासरूम, छात्र-छात्राओं के लिए अलग हॉस्टल और फैकल्टी आवास भी बनाए जाएंगे। सरकार के अनुसार, निर्माण कार्य कई चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में अकादमिक भवन, हॉस्टल और फैकल्टी रिहायशी परिसर तैयार किए जाएंगे। करीब 1.17 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित होने वाली इस परियोजना में बेसमेंट पार्किंग और अन्य जरूरी सुविधाओं का भी प्रावधान रहेगा। निर्माण की जिम्मेदारी PWD को सौंपी गई है, जबकि निगरानी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग करेगा। इस मेडिकल कॉलेज परिसर को ग्रीन बिल्डिंग मानकों के तहत विकसित किया जाएगा। इसमें सोलर पावर सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वॉटर रीसाइक्लिंग और प्राकृतिक रोशनी व वेंटिलेशन जैसी पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं शामिल होंगी। भवन को भूकंप-रोधी तकनीक से तैयार किया जाएगा ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही यह परिसर पूरी तरह दिव्यांगजन-अनुकूल होगा, जिसमें रैंप, लिफ्ट, ब्रेल संकेत और व्हीलचेयर के लिए आसान रास्ते उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस परियोजना को दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने वाली दूरदर्शी पहल बताया। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज बनने से राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी तथा युवाओं को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे। सरकार का मानना है कि यह संस्थान भविष्य में कुशल डॉक्टर तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती देगा।