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पाकिस्तान की मध्यस्थता नाकाम, अल-थानी करेंगे अमेरिका-ईरान में सुलह
May 11, 2026 Source: News Katha
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर जारी कूटनीतिक प्रयासों में नया मोड़ आ गया है। पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर की मध्यस्थता की कोशिशें फिलहाल सफल नहीं हो सकी हैं। दरअसल, अमेरिका द्वारा भेजे गए एक पन्ने के समझौता प्रस्ताव पर ईरान ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया कि वह अमेरिकी शर्तों को स्वीकार नहीं करेगा। विशेष रूप से ईरान ने अपने यूरेनियम संवर्धन केंद्रों को बंद या नष्ट करने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद अमेरिका ने भी ईरानी जवाब को अस्वीकार्य बताया है।
इस घटनाक्रम के बाद अब कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष वार्ता दूत स्टीव विटकॉफ और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनेर से मियामी में मुलाकात की है। माना जा रहा है कि अल-थानी जल्द ही ईरानी नेतृत्व से भी संपर्क करेंगे ताकि दोनों देशों के बीच किसी सहमति का रास्ता निकाला जा सके।
कतर को अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता में अनुभवी माना जाता है। अफगानिस्तान से अमेरिकी वापसी और वेनेजुएला संकट जैसे मामलों में भी कतर ने अहम भूमिका निभाई थी। यही कारण है कि अमेरिका और ईरान दोनों ही कतर पर भरोसा जताते रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका चाहता है कि राष्ट्रपति ट्रंप के प्रस्तावित चीन दौरे से पहले किसी प्रारंभिक समझौते पर सहमति बन जाए। हालांकि, ईरान के सख्त रुख के कारण फिलहाल बातचीत आसान होती नहीं दिख रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पश्चिम एशिया की राजनीति में कतर की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है, जबकि पाकिस्तान की मध्यस्थता फिलहाल प्रभावी साबित नहीं हो पाई है।