Monday, May 25, 2026
English edition
News Katha News Katha

Har Khabar Ek Kahani

India

VIP सुरक्षा से लेकर पेट्रोलिंग तक, दिल्ली पुलिस ने घटाए वाहन

May 13, 2026 Source: News Katha

VIP सुरक्षा से लेकर पेट्रोलिंग तक, दिल्ली पुलिस ने घटाए वाहन
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईंधन बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद दिल्ली पुलिस ने अपने प्रशासनिक और परिचालन कार्यों में बड़े बदलाव शुरू किए हैं। दिल्ली पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने अब अधिकांश बैठकों को वर्चुअल मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया है। पहले जिला और यूनिट स्तर के अधिकारियों को मुख्यालय तक आने-जाने में लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, लेकिन अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही समीक्षा और समन्वय बैठकें हो रही हैं। इससे समय, मैनपावर और सरकारी वाहनों के ईंधन की बचत होने लगी है। नई व्यवस्था के तहत केवल अत्यंत संवेदनशील या गोपनीय मामलों में ही अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है। लॉ एंड ऑर्डर समीक्षा, क्राइम मीटिंग्स और अन्य प्रशासनिक बैठकें अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हो रही हैं। इससे एस्कॉर्ट वाहनों, ड्राइवरों और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती भी कम हुई है। दिल्ली पुलिस ने वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा काफिलों में शामिल वाहनों की संख्या भी सीमित कर दी है। अब केवल जरूरी सुरक्षा वाहन ही उपयोग में लाए जाएंगे। इसके अलावा PCR वैन, जिप्सी और मोटरसाइकिल जैसी गश्ती गाड़ियों को भी जरूरत और संवेदनशील इलाकों के हिसाब से तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग ने साफ किया है कि सरकारी वाहनों का निजी उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और सभी कर्मियों को संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों में पेट्रोलिंग के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर्स और ई-पॉड्स का इस्तेमाल भी बढ़ाया जा रहा है। G20 शिखर सम्मेलन के दौरान शुरू की गई यह व्यवस्था अब नियमित गश्त का हिस्सा बन चुकी है। कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और मध्य दिल्ली के कई क्षेत्रों में इन इलेक्ट्रिक वाहनों से पेट्रोलिंग की जा रही है। इनमें सायरन, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और GPS जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं। इसी दिशा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सरकारी वाहनों के सीमित उपयोग, कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मंत्री, विधायक, अधिकारी और सरकारी विभाग अब जरूरत के अनुसार ही वाहनों का उपयोग करेंगे ताकि ईंधन बचत और ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन बनाया जा सके।