Monday, May 25, 2026
English edition
News Katha News Katha

Har Khabar Ek Kahani

India

चीन पहुंचने से पहले अमेरिकी डेलीगेशन को मिली सख्त हिदायत

May 14, 2026 Source: News Katha

चीन पहुंचने से पहले अमेरिकी डेलीगेशन को मिली सख्त हिदायत
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के हालिया चीन दौरे को लेकर अमेरिकी मीडिया में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी डेलीगेशन ने चीन में संभावित जासूसी और साइबर निगरानी के खतरे को देखते हुए बेहद सख्त सुरक्षा उपाय अपनाए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने निजी मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस साथ लेकर न जाएं। इसके बजाय उन्हें पूरी तरह नए और अस्थायी फोन व लैपटॉप उपलब्ध कराए गए, जिनमें कोई निजी डेटा या संवेदनशील जानकारी मौजूद नहीं थी। इन डिवाइस का इस्तेमाल केवल दौरे के दौरान जरूरी सरकारी बातचीत और सीमित संचार के लिए किया गया। अमेरिकी अधिकारियों को यह भी हिदायत दी गई कि वे किसी अनजान USB डिवाइस या सार्वजनिक नेटवर्क का उपयोग न करें। यात्रा समाप्त होने के बाद इन सभी डिवाइस को या तो पूरी तरह फॉर्मेट किया जाएगा या नष्ट कर दिया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार का वायरस, मैलवेयर या डेटा लीक अमेरिकी नेटवर्क तक न पहुंच सके। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसियां लंबे समय से चीन की कथित साइबर जासूसी गतिविधियों को लेकर चिंतित रही हैं। यही वजह है कि इस हाई-प्रोफाइल दौरे के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। अमेरिकी प्रशासन को आशंका थी कि चीन में उनके डिजिटल संचार और डिवाइस पर निगरानी रखी जा सकती है, इसलिए पहले से ही अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। यह दौरा कई महत्वपूर्ण मुद्दों के कारण भी चर्चा में रहा। China और United States के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने, चल रहे आर्थिक विवादों को कम करने, ईरान युद्ध जैसे अंतरराष्ट्रीय मामलों और ताइवान को अमेरिकी हथियार बिक्री जैसे संवेदनशील विषयों पर बातचीत इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य बताए गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप करीब नौ साल बाद चीन पहुंचे और 2017 के बाद यह उनका पहला चीन दौरा माना जा रहा है। बीजिंग में उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping से भी हुई, जहां दोनों नेताओं के बीच कई अहम द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई।