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जांच के बीच 11 चयनित डिप्टी कलेक्टरों को मिली राहत, जारी हुआ आदेश

May 14, 2026 Source: News Katha

जांच के बीच 11 चयनित डिप्टी कलेक्टरों को मिली राहत, जारी हुआ आदेश
रायपुर में चर्चित छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 2021 भर्ती विवाद मामले में चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से जांच और कानूनी प्रक्रिया के कारण जिन उम्मीदवारों की नियुक्ति अटकी हुई थी, उन्हें अब राहत मिलने लगी है। बिलासपुर हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार ने 11 चयनित डिप्टी कलेक्टरों को पोस्टिंग और जॉइनिंग आदेश जारी कर दिए हैं। यह मामला CGPSC 2021 परीक्षा से जुड़ा है, जिसमें डिप्टी कलेक्टर और DSP समेत कुल 44 पदों पर चयन किया गया था। बाद में भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगे और मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दी गई। जांच शुरू होने के बाद सभी चयनित उम्मीदवारों की नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई थी। जांच के दौरान चार उम्मीदवारों के खिलाफ सीबीआई विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई। इन चारों को न्यायिक हिरासत में रखा गया है। वहीं बाकी 40 चयनित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत या आरोप तय नहीं हुए हैं, इसलिए केवल जांच लंबित होने के आधार पर उन्हें नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन उम्मीदवारों के खिलाफ अब तक सीबीआई ने चार्जशीट पेश नहीं की है, उन्हें नियुक्ति देने से नहीं रोका जा सकता। अदालत ने राज्य सरकार को ऐसे अभ्यर्थियों को तय समय सीमा के भीतर जॉइनिंग देने का निर्देश दिया। इसके बाद सरकार ने 11 डिप्टी कलेक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए उन्हें पोस्टिंग आदेश जारी कर दिए। इस भर्ती विवाद की जांच में कई बड़े नाम सामने आए हैं। जांच एजेंसी ने तत्कालीन PSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, परीक्षा नियंत्रक और उद्योगपति श्रवण गोयल को गिरफ्तार किया है। सीबीआई का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में रिश्तेदारों और प्रभावशाली लोगों को फायदा पहुंचाया गया। जांच में कई रिश्तेदारों और प्रभावशाली परिवारों के सदस्यों के चयन पर सवाल उठे हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है। जिन उम्मीदवारों के खिलाफ अब तक कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं, उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद ऐसे अभ्यर्थियों को राहत मिलने लगी है, जबकि घोटाले से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।