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खुले में बकरों की कुर्बानी पर रोक की मांग, सोमैया ने प्रशासन को घेरा
May 17, 2026 Source: News Katha
मुंबई में बकरीद से पहले खुले में कुर्बानी को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। Kirit Somaiya ने मुंबई की मेयर, Brihanmumbai Municipal Corporation और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि रिहायशी इलाकों, हाउसिंग सोसायटियों और चॉलों में खुलेआम बकरों की कुर्बानी पर सख्ती से रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि अदालतों और नगर निगम की ओर से पहले से तय नियमों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है, जिसके कारण कई जगह खुले में कुर्बानी दी जाती है।
बीजेपी नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि धार्मिक परंपरा के नाम पर सार्वजनिक स्थानों पर जानवरों की कुर्बानी की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने मुंबई की मेयर ऋतु राजेश तावड़े को पत्र लिखकर शहर में पशु वध से जुड़े कानूनों को कड़ाई से लागू करने की मांग की। सोमैया का आरोप है कि कुछ लोग अदालत और बीएमसी के नियमों की अनदेखी करते हुए खुले में कुर्बानी करते हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों को परेशानी होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि बीएमसी को सभी वार्ड कार्यालयों और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करने चाहिए ताकि किसी भी आवासीय क्षेत्र के आसपास कुर्बानी न हो सके। उनके मुताबिक, मौजूदा कानूनों के तहत रिहायशी परिसरों के पास पशु कुर्बानी प्रतिबंधित है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर निगरानी की कमी दिखाई देती है।
इस बीच, Brihanmumbai Municipal Corporation ने बकरीद को देखते हुए देवनार बूचड़खाने में विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। 17 मई से 30 मई तक वहां बकरों और भैंसों का विशेष बाजार लगाया जाएगा। साथ ही 28 से 30 मई के बीच मुंबई के 109 स्थानों पर धार्मिक पशु कुर्बानी की अनुमति दी गई है।
प्रशासन ने त्योहार के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए 24 घंटे चालू रहने वाला कंट्रोल रूम, QR कोड आधारित पशु सत्यापन प्रणाली, अस्थायी शेड, पशु चिकित्सा सुविधाएं और 500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की योजना बनाई है। इस साल बकरीद 27 मई 2026 को मनाए जाने की संभावना है, हालांकि अंतिम तारीख चांद दिखने पर निर्भर करेगी। त्योहार से पहले प्रशासन और राजनीतिक दलों की सक्रियता लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।