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डीपफेक और वॉयस क्लोनिंग पर रोक की मांग, राघव चड्ढा की हाईकोर्ट में याचिका

May 21, 2026 Source: News Katha

डीपफेक और वॉयस क्लोनिंग पर रोक की मांग, राघव चड्ढा की हाईकोर्ट में याचिका
राज्यसभा सांसद Raghav Chadha ने अपनी डिजिटल पहचान और सार्वजनिक छवि के संभावित दुरुपयोग को लेकर Delhi High Court का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अदालत में याचिका दायर कर आशंका जताई है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डिजिटल तकनीकों के जरिए उनके खिलाफ फर्जी, भ्रामक और छेड़छाड़ किए गए कंटेंट तैयार कर सोशल मीडिया पर फैलाया जा सकता है। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की अदालत में होने की संभावना है। राघव चड्ढा ने अपनी याचिका में खास तौर पर AI आधारित डीपफेक वीडियो, मॉर्फ्ड वीडियो, नकली ऑडियो क्लिप, वॉयस क्लोन तकनीक से तैयार भाषण और अन्य सिंथेटिक डिजिटल कंटेंट पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि तेजी से विकसित हो रही AI तकनीक के कारण किसी भी व्यक्ति की फोटो, आवाज और चेहरे का बिना अनुमति इस्तेमाल करना बेहद आसान हो गया है। इससे न केवल लोगों को भ्रमित किया जा सकता है, बल्कि संबंधित व्यक्ति की प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को भी गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। याचिका में अदालत से मांग की गई है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर “पर्सनैलिटी राइट्स” और पहचान की सुरक्षा के लिए मजबूत कानूनी दिशा-निर्देश तय किए जाएं। चड्ढा का कहना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की पहचान का अनधिकृत उपयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था और व्यक्तिगत अधिकारों दोनों के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने अदालत से ऐसे AI-जनित फर्जी कंटेंट के प्रसार पर रोक लगाने और जिम्मेदार संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देश में AI और डीपफेक तकनीकों के दुरुपयोग को लेकर बहस तेज हो रही है। इससे पहले अभिनेता Anil Kapoor और Amitabh Bachchan भी अपनी आवाज, चेहरा और पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ अदालत से राहत मांग चुके हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने कई फैसलों में माना है कि किसी मशहूर व्यक्ति की छवि, आवाज और पहचान केवल व्यक्तिगत अधिकार नहीं बल्कि उनकी पेशेवर और व्यावसायिक संपत्ति भी होती है। ऐसे में बिना अनुमति उनके इस्तेमाल को रोकना जरूरी है। राघव चड्ढा की यह याचिका डिजिटल युग में निजता, पहचान और AI तकनीक के दुरुपयोग से जुड़े बढ़ते कानूनी और सामाजिक सवालों को एक बार फिर केंद्र में ले आई है।