Sunday, May 24, 2026
English edition
News Katha News Katha

Har Khabar Ek Kahani

India

सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिलों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री का सख्त रूख

May 21, 2026 Source: News Katha

सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिलों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री का सख्त रूख
*सौम्य मुख्यमंत्री श्री साय का सख्त रूख* *कोरिया के सहायक आयुक्त को किया निलंबित* *मुख्यमंत्री ने सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले में पेयजल की समस्या और स्कूल परीक्षा परिणाम को लेकर जतायी नाराजगी* *सुशासन तिहार में सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले का औचक दौरा* रायपुर, 21 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के दौरान आज सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिले का औचक दौरा कर शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत का मुआयाना किया। इस दौरान शिविर में वह ग्रामीणों आत्मीयता से मिले एवं धैर्य से उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने उक्त तीनों जिलों में सुशासन तिहार का जायजा लेने के बाद चिरमिरी में जिलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने बैठक में उक्त तीनों जिलों के ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या और स्कूली परीक्षा परिणाम की स्थिति को लेकर एक ओर जहां गहरी नाराजगी जतायी, वहीं कोरिया जिले में किसानों को खाद वितरण में गड़बड़ी का मामला सामने आने पर सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के सख्त रूख से सभी लोग सकते में आ गए। मुख्यमंत्री श्री साय का सूरजपुर जिले के ग्राम रामपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों से अपनत्वभाव से मिलना, उनकी समस्याएं सुनना, तेन्दूपत्ता संग्राहक श्रमिक महिलाओं को अपने हाथों से चरण पादुका पहनाना, बच्चों का अन्नप्रासन और उनका नामकरण करना, एक ओर जहां उनके सौम्य व्यक्तित्व का परिचायक है, वहीं दूसरी ओर शासकीय कामकाज में लापरवाही के मामले में अधिकारियों पर नाराजगी और निलंबन की कार्यवाही सख्त प्रशासनिक व्यवस्था का स्पष्ट संकेत है। मुख्यमंत्री ने श्री साय ने समीक्षा बैठक के दौरान उक्त तीनों जिलों में पेयजल की समस्या के मामले में कलेक्टरों को हर-हाल में संकटग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में पेयजल की कमी है, वहां टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित किया जाना, कलेक्टरों की जिम्मेदारी है। इस मामले में किसी भी तरह की कोताही पर कलेक्टर सीधे जिम्मेदार माने जायेंगे। मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों के शालेय परीक्षा परिणाम की स्थिति को लेकर भी नाराजगी जतायी और कलेक्टरों को आगामी शिक्षा सत्र के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाने के साथ ही स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए, ताकि परीक्षा परिणाम में अपेक्षित सुधार हो सके। मुख्यमंत्री ने बैठक में कलेक्टरों को मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए कार्ययोजना बनाने के साथ ही उसका प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात से पूर्व सभी पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई और उनका क्लोरिनेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि दूषित पेयजल की वजह से होने वाली बीमारियों की रोकथाम हो सके। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी और हितग्राही के परेशान होने की शिकायत मिली तो, इसके लिए भी कलेक्टरों को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने उक्त तीनों जिलों के अधिकारियों की वर्चुअल समीक्षा बैठक चिरमिरी स्थित एसईसीएल के तानसेन भवन से ली। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क श्री रजत बंसल सहित तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी, डीएफओ, सीईओ जिला पंचायत सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।